⚠️ सड़क सुरक्षा | बाराबंकी

बाराबंकी (हैदरगढ़)। नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार दौड़ते वाहनों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महज 12 साल का नाबालिग बच्चा बेखौफ अंदाज में स्कूटी चलाता नजर आया। गश्त कर रही पुलिस टीम ने जब बच्चे को रोका तो राहगीर भी हैरान रह गए। पुलिस ने मौके पर बच्चे को रोककर समझाइश दी, लेकिन इस घटना ने सड़क सुरक्षा और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बड़ा सवाल: इतनी व्यस्त और तेज रफ्तार नेशनल हाईवे पर 12 साल के मासूम के हाथों में स्कूटी थमाने की जिम्मेदारी किसकी है? एक छोटी सी चूक किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती थी।

लापरवाही बन सकती थी जानलेवा

हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही हर पल बनी रहती है। ऐसे में नाबालिग बच्चों का वाहन चलाना खुद उनकी जान के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

  • पुलिस की सक्रियता: समय रहते पुलिस ने नाबालिग को हाईवे पर रोका और सुरक्षित किनारे कर हिदायत दी।
  • अभिभावकों को चेतावनी: मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नाबालिग को वाहन देने पर अभिभावक के खिलाफ भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
  • अपील: बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें किसी भी सूरत में दोपहिया या चारपहिया वाहन न सौंपें।

आपकी क्या राय है?

क्या अभिभावकों पर ऐसी लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

J UP KHABAR — सिर्फ सच कहेंगे
ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें: www.jupkhabar.in